वरिष्ठ नागरिक

वरिष्ठ नागरिक

वरिष्ठ नागरिक
 
भारतीय बीमा विनियामक और  विकास प्राधिकरण  (आईआरडीएआई) वरिष्ठ नागरिक पॉलिसीधारकों की विशिष्ट आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है।
 
यह विनियामकीय कार्यवाहियों द्वारा अग्रसक्रिय रूप से हस्तक्षेप करता रहा है जैसे किः
  • 2006/2007 में जब कुछ बीमाकर्ताओं ने अस्पताल में भर्ती होने (हॉस्पिटलाइजेशन) पॉलिसी प्रीमियमों को असामान्य रूप से बढ़ा दिया, तो इसने ऐसे संशोधन पर एक सीमा लागू कर दी
  • वरिष्ठ नागरिकों की विशिष्ट आवश्यकताओं का परीक्षण करने के लिए इनके लिए स्वास्थ्य बीमा पर एक समिति गठित की गई
  • इस समिति की सिफारिशों को बड़ी संख्या में क्रियान्वित किया गया
  • आईआरडीएआई ने वरिष्ठ नागरिकों हेतु स्वास्थ्य बीमा के मामले में बीमाकर्ताओं हेतु निम्न निर्देश भी जारी किए हैं:
    • 65 वर्ष की आयु तक व्यक्ति को नई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने हेतु अनुमति दी गई
    • किसी वरिष्ठ नागरिक के स्वास्थ्य बीमा के प्रस्ताव को अस्वीकृत करने पर इसका कारण लिखित में बताना होगा
    • वरिष्ठ नागरिक पॉलिसीधारक को जहाँ भी व्यावहारिक हो, उसका टीपीए परिवर्तित करने का विकल्प दिया जाएगा
    • बीमाकर्ता द्वारा जोखिम स्वीकृत किए जाने पर बीमा-पूर्व चिकित्सा जाँच की कम से कम 50% लागत की प्रतिपूर्ति की जाएगी
    • कोई भी बीमाकर्ता, निम्न आधारों के सिवाय किसी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को नवीनीकृत करने से मना नहीं कर सकता हैः
      • फ्रॉड (कपट)
      • नैतिक संकट, या
      • भ्रामक (गलत) प्रस्तुतिकरण
वैधानिक विवेचन के लिए अंग्रेजी पाठ ही मान्य होगा संचालन : रेवालसिस
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