एफएकयू क्रम
Q.
मुझे कौन सा मोटर बीमा कवर खरीदना चाहिए? क्या मुझे केवल व्यापक बीमा या दायित्व पॉलिसी लेनी चाहिए?
A.
भारत में सार्वजनिक सड़कों पर चलने वाले सभी वाहनों के लिए तृतीय पक्ष देयता बीमा अनिवार्य है। इसमें दूसरों को लगने वाली चोट और क्षति की देयता भी शामिल हैं जिनके लिए आप जिम्मेदार होते हैं। इसके अलावा, व्यापक / पैकेज पॉलिसी के ज़रिये नुकसान का कवर या वाहन को खुद की क्षति कवर करना समझदारी है, जो बीमित वाहन की ‘‘देयता’’ के साथ साथ ‘‘स्वयं क्षति/ ऑन डैमेज’’ को भी कवर करती है। केवल देयता (लायबिलिटी ओनली) कवर को एक्ट ओनली कवर भी कहा जाता है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
प्रीमियम कैसे निर्धारित की जाती है?
A.
आप जो प्रीमियम भुगतान करेंगे उसे कई कारक निर्धारित करते हैं। स्वयं से होने वाले नुकसान के कवर के लिए अलग-अलग बीमा कंपनियाँ समान कवरेज के लिए अलग-अलग प्रीमियम चार्ज करती हैं। देखभाल कर खरीदारी करें, तुलना के लिए तीन या उससे ज़्यादा कंपनियों के कोट्स जमा करना उपयोगी होगा। विभिन्न बीमा कंपनियों की वेबसाइटों की जाँच करें, यह प्रीमियम की तुलना करने में आपकी मदद करेगा। काटे जाने वाली मदों/ डिडक्टिबल्स, कवरेज और आईडीवी की तुलना करना न भूलिये क्योंकि एक बीमा कंपनी की प्रीमियम कम हो सकती है लेकिन कटौती योग्य राशि अधिक, कवरेज कम और आईडीवी भी कम हो सकती है, जो कि दावे के निपटारे के समय आप पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।

अपने एजेंट को निम्नलिखित मदों (आइटमों) के बारे में जानकारी देने के लिए तैयार रहें जिनका उपयोग आमतौर पर आपकी प्रीमियम का निर्धारण करने के लिए किया जाता है: इंजन नंबर के साथ वाहन पंजीकरण विवरण, चेसिस नंबर, वाहन की श्रेणी, क्यूबिक क्षमता, बैठने की क्षमता, आदि (वास्तव में, सभी प्रासंगिक जानकारी आरसी बुक/ कार्ड में होती है और उसी की एक कॉपी सौंपी जा सकती है) टैक्स भुगतान विवरण, फिटनेस प्रमाण पत्र, चालक के बारे में जानकारी - उम्र, लिंग, योग्यता, लाइसेंस वैधता, पिछला बीमा इतिहास यदि कोई हो।

स्वयं क्षति कवरेज कवरेज के लिए व्यक्तिगत बीमा कंपनियों द्वारा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के पास दरें दाखिल करने के बाद विधिवत मूल्यांकन स्वयं किया जा सकता है। इसको निम्नलिखित कारकों पर निर्धारित किया जाता है - वाहन की आयु; डिस्कॉउन्ट्स/ लोंडिंग्स - उपयुक्त बोनस/ लोडिंग/ डिस्कॉउंट्स अतीत के दावों के अनुभवों के साथ प्रीमियम की गणना करते समय ध्यान में रखे जाते हैं। आईडीवी ( इंश्योर्ड डिक्लेयर वैल्यू / बीमित घोषित मूल्य)।

तृतीय पक्ष देयता प्रीमियम दरें आईआरडीए द्वारा तय की जाती है।

बीमा में अवरोध आने पर वाहन का निरीक्षण कराना ज़रूरी होगा और उसके लिए अतिरिक्त शुल्क वहन करना होगा।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
कौन सी कवरेज सीमा मेरी जरूरतों को पूरा करेंगी?
A.
वाहन के लिए बीमित राशि को ‘‘बीमित घोषित मूल्य / इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू’’ कहा जाता है और यह वाहन के वर्तमान बाजार मूल्य को दर्शाता है। देयता बीमा के तहत तृतीय पक्ष देयता बीमा कवर किया जाता है। तृतीय पक्ष चोट के लिए असीमित कवरेज है और थर्ड पार्टी के संपत्ति के नुकसान को 7,50,000 रुपये की राशि तक कवर किया जाता है।


बीमित के पास तृतीय पक्ष की संपत्ति के नुकसान हेतु कवरेज को रु. 6,000 तक सीमित करने का विकल्प है जबकि "केवल देयता" प्रीमियम में कमी होगी।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
पॉलिसी की अवधि क्या है?
A.
एक मोटर पॉलिसी आमतौर पर एक वर्ष की अवधि के लिए वैध है और नियत तारीख से पहले नवीनीकरण किया जाना ज़रूरी है। प्रीमियम का भुगतान समय पर करें। कोई भी बीमा कंपनी प्रीमियम का भुगतान करने के लिए रियायती अवधि प्रदान नहीं करती है। पॉलिसी में एक भी दिन की चूक होने पर, वाहन का निरीक्षण किया जाना ज़रूरी होता है। इसके अलावा, अगर एक व्यापक पॉलिसी में 90 दिनों से अधिक के लिए लेप्स/ चूक रहने दी जाती है तो एनसीबी (नो क्लेम बोनस) का अर्जित लाभ भी खत्म हो जाता है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
‘‘नो क्लेम बोनस’’ एन.सी.बी. क्या है?
A.
नो क्लेम बोनस (एनसीबी) पिछली पॉलिसी की अवधि के दौरान कोई भी दावा न करने पर मिला एक बीमा अर्जित लाभ है। भारत में मौजूदा नियमों के अनुसार, यह स्वयं क्षति (ऑन डैमेज) क्षति प्रीमियम (और देयता प्रीमियम पर नहीं) पर 20 प्रतिशत से लेकर बढ़ते हुए अधिकतम 50 प्रतिशत तक हो जाता है।

हालांकि, अगर कोई दावा दर्ज कराया जाता है, तो नो क्लेम बोनस आगे की पॉलिसी अवधि में समाप्त हो जाता है।

एनसीबी बीमित को दिया जाता है न कि बीमित वाहन को। इसलिए, वाहन के हस्तांतरण पर, बीमा पॉलिसी नए मालिक के नाम पर हस्तांतरित की जा सकती है लेकिन एनसीबी नहीं। नए मालिक को बकाया पॉलिसी अवधि के लिए एनबीसी के प्रति अंतर का भुगतान करना होगा। वास्तविक मालिक हालांकि, उसके द्वारा खरीदे गए नए वाहन पर एनसीबी का उपयोग कर सकता है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
यदि मैं अपनी इंश्योरेंस कंपनी बदलना चाहूं तो क्या नो क्लेम बोनस भी स्थानान्तरित हो जाएगा ?
A.
हाँ, यदि नवीकरण पर बीमाकर्ता को बदलते हैं तो भी एनसीबी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। आपको वर्तमान बीमा कंपनी से मिला नवीकरण नोटिस अर्जित एनबीसी के साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना होगा। वैकल्पिक रूप से, अपनी मूल पॉलिसी, खत्म हो रही पॉलिसी को एक प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करके बता सकते हैं कि आपने खत्म हो रही पॉलिसी पर कोई दावा दर्ज नहीं कराया है। इसके लिए साक्ष्य के रूप में नवीकरण नोटिस या पूर्व बीमा कंपनी से एनबीसी पात्रता की पुष्टि का पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
क्या मेरी प्रीमियम को कम करने के लिए छूट मिलेगी?
A.
एनसीबी के अलावा, अतिरिक्त छूट निम्न के अंतर्गत उपलब्ध हैं - आटोमोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सदस्यता के लिए स्व क्षति प्रीमियम में छूट, विंटेज कार्स (विंटेज एंड क्लासिक कार क्लब ऑफ इंडिया द्वारा प्रमाणित प्राइवेट कारें), ऑटोमोबाइल रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), पुणे द्वारा अनुमोदित चोरी रोकने वाले उपकरण लगाने पर और उसकी स्थापना को एएआई द्वारा ने मंजूरी दी गई हो, नेत्रहीनों, विकलांगों और मानसिक रूप से अक्षम लोगों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन / संशोधित वाहनों के लिए, जो कि आरसी बुक में संबंधित आरटीए द्वारा उपयुक्त से समर्थित हों; स्वैच्छिक अतिरिक्त डिडक्टिबल/ अधिशेष चुनने के लिए।
 
‘‘केवल तृतीय पक्ष’’ के अंतर्गत थर्ड पार्टी प्रॉर्टी डैमेज (टीपीपीडी) में कमी के लिए 750,000 रु. से 6000 रु. तक की छूट उपलब्ध है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
क्या सेवा कर लागू है और यह कितना है?
A.
हाँ, सेवा कर लागू होता है और वह कानून के विद्यमान नियम के अनुसार होगा।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
डिडक्टिबल या कटौती योग्य राशि क्या है?
A.
डिडक्टिबल या ‘‘आधिक्य’’ वह राशि है, जिस पर कि दावा देय होगा। अधिकांश वाहनों के लिए यह एक सामान्य मानक / अनिवार्य आधिक्य राशि है जो दुपहिया वाहनों के लिए 50 रुपए से लेकर, प्राइवेट कारों और व्यवसायिक वाहनों के लिए 500 रुपए तक हो सकती हैं, जिसका बढ़ना वाहन की क्यूबिक क्षमता/ भारवहन क्षमता पर निर्भर करता है। हालांकि, कुछ मामलों में बीमा कंपनी अतिरिक्त आधिक्य लगा सकती है जो कि वाहन की उम्र या दावों की उच्च आवृति होने पर निर्भर करता है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
पॉलिसी में कोई भी परिवर्तन दर्ज कराने की क्या प्रक्रिया है?
A.
यदि पॉलिसी में पते या वाहन में कोई संशोधन या इसके उपयोग में कोई बदलाव जैसा कोई परिवर्तन करना है तो यह बीमा कम्पनी द्वारा पृष्ठांकन द्वारा (इंडॉर्समेंट) किया जा सकता है। परिवर्तन के लिए साक्ष्य के साथ बीमा कंपनी को एक पत्र भेजें और पृष्ठांकन प्राप्त करें। कुछ पृष्ठांकन के लिए आपको अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करने की आवश्यकता हो सकती है। अनुमोदन की शुद्धता की जाँच करें।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
यदि मैं किसी शहर विशेष में कार का उपयोग कर रहा हूँ, तो कौन सी प्रीमियम दर लागू होगी?
A.
प्रीमियम दर लागू करने के उद्देश्य से, वह जगह जहाँ वाहन पंजीकृत है उसे माना जाता है (उस जगह को नहीं जहाँ वाहन उपयोग किया जाता है)। यदि आपका वाहन चेन्नई में पंजीकृत है तो जोन ए के लिए लागू दर पर चार्ज किया जाता है। यहाँ तक कि जब आप किसी अन्य शहर / कस्बे में स्थानान्तरित हो जाते हैं तब भी समान दर लागू रहेगी। इसी तरह अगर एक वाहन एक कस्बे में पंजीकृत है तो इस पर जोन बी की प्रीमियम दर लागू होगी। इसके बाद अगर वाहन मालिक किसी महानगर में स्थानान्तरित हो जाता है तब भी उससे बी जोन की प्रीमियम दर से वसूली जारी रहेगी।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
मोटर वाहन अधिनियम के तहत बीमा का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ इंश्योरेंस) क्या है?
A.
केन्द्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के नियम 141 के अनुसार, बीमा का प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ इंश्योरेंस) केवल फार्म 51 में ही जारी किया जाना चाहिए। यह केवल मोटर वाहन बीमा में ही है, यह पॉलिसी से अलग है, बीमा का एक अलग प्रमाण पत्र बीमा कंपनियों द्वारा जारी किया जाना आवश्यक है। इस दस्तावेज़ को हमेशा वाहन के साथ रखा जाना चाहिए। पॉलिसी को घर / कार्यालय में अलग से संभाल कर रखना चाहिए।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
यदि मैं अपने वाहन में सीएनजी या एलपीजी किट लगाता हूं तो क्या बीमा कंपनी को सूचित करना ज़रूरी है?
A.
यदि वाहन में सीएनजी या एलपीजी किट लगाया जाता है तो सड़क परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालय को सूचित किया जाना चाहिए जहाँ वाहन पंजीकृत किया गया है, ताकि वे वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) में परिवर्तन का एक नोट लिख सकें। बीमा कंपनी को भी सूचित किया जाना चाहिए ताकि किट को उसके मूल्य पर अतिरिक्त प्रीमियम के भुगतान पर ‘‘ओडी’’ सेक्शन और ‘‘टी पी’’ सेक्शन के अंतर्गत कवर किया जाए।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
सार्वजनिक स्थानों पर चलने के दौरान वाहन में रखे जाने वाले दस्तावेज कौन-कौन से हैं?
A.
  • बीमा प्रमाणपत्र
  • पंजीकरण प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी
  • प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र
  • वाहन चलाने वाले व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
क्या मैं मेरे वाहन के खरीदार को अपना बीमा हस्तांतरण कर सकता हूं?
A.
हाँ, वाहन के खरीदार को बीमा हस्तांतरित किया जा सकता है, इसके लिए विक्रेता को बीमा कंपनी को इस तरह के हस्तांतरण की लिखित रूप में जानकारी प्रदान करनी होगी। एक नया प्रस्ताव प्रपत्र / प्रपोज़ल फॉर्म भी भरना होगा। बीमा हस्तांतरण के लिए हस्तांतरण की तारीख से पॉलिसी समापन तक के लिए एनसीबी की यथानुपात वसूली के साथ नाममात्र का शुल्क लिया जाता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि व्यापक / पैकेज पॉलिसीयों में स्वामित्व का हस्तांतरण, हस्तांतरण की तारीख से 14 दिनों के भीतर दर्ज किया जा सकता है ऐसा न होने पर वाहन को स्वयं क्षति के लिए कोई दावा देय नहीं होगा
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
क्या मैं पिछले मालिक के नाम पर बीमा को जारी रख सकता हूं जबकि आरटीओ रिकॉर्ड में वाहन मेरे नाम पर स्थानांतरित हो गया है?
A.
नहीं, पंजीकरण और वाहन का बीमा हमेशा एक ही नाम और एक ही पते पर होना चाहिए। अन्यथा दावा देय नहीं होता है। एक नया प्रस्ताव प्रपत्र भरने की भी आवश्यकता होती है। बीमा हस्तांतरण के लिए नाममात्र का शुल्क लिया जाता है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
मैंने बीमा पॉलिसी खो दी है। क्या मुझे एक डुप्लीकेट कॉपी मिल सकती है?
A.
हाँ, लिखित अनुरोध के साथ उसी कार्यालय से संपर्क कीजिए जहाँ से पॉलिसी जारी की गई थी। पॉलिसी की डुप्लीकेट कॉपी जारी करने के लिए नाममात्र का शुल्क लिया जाता है।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

Q.
मोटर बीमा दावे के लिए कौन -कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किये जाने आवश्यक हैं?
A.
आम तौर पर, निम्नलिखित दस्तावेजों को प्रस्तुत किया जाना आवश्यक हैं। हालांकि, पूर्ण सूची के लिए अपनी पॉलिसी को अच्छी तरह से पढ़िये- विधिवत भरा हुआ दावा प्रपत्र, वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र, नुकसान का मूल अनुमान, मरम्मत का मूल चालान और भुगतान रसीद। यदि नकदी रहित सुविधा का लाभ उठाया गया है तो केवल मरम्मत चालान प्रस्तुत करना होगा और यदि आवश्यकता होगी तो एफआईआर लगेगी। चोरी होने पर दावों के लिए, चाबियाँ जमा करनी होगी। चोरी वाले दावों में गैर अनुमार्ग प्रमाण पत्र / नॉन ट्रैसेबल प्रस्तुत करने की भी आवश्यकता होगी।
 
श्रेणी :
   मोटर बीमा

वैधानिक विवेचन के लिए अंग्रेजी पाठ ही मान्य होगा संचालन : रेवालसिस
Close